साझेदारियाँ
UCB ने एंटीबॉडी खोज परियोजनाओं में Cradle का एआई प्लेटफ़ॉर्म शामिल किया

Cradle और UCB ने 4 नवंबर 2026 को रणनीतिक सहयोग की घोषणा की, जिसके तहत UCB की चुनिंदा एंटीबॉडी खोज परियोजनाओं में Cradle के एआई प्रोटीन डिज़ाइन और इंजीनियरिंग प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग किया जाएगा—प्रारंभिक हिट उत्पन्न करने से लेकर लीड अनुकूलन और प्रीक्लिनिकल तैयारी तक।
यह सहयोग UCB के लगातार विस्तार कर रहे डिजिटल एंटीबॉडी खोज और इंजीनियरिंग कार्यक्रम में Cradle की शुरू से अंत तक की प्रणाली जोड़ता है। इस कार्यक्रम में UCB का मौजूदा एंटीबॉडी खोज प्लेटफ़ॉर्म, संगणकीय विज्ञान, रोग-जीवविज्ञान विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी एवं अनुसंधान साझेदारों का एक नेटवर्क शामिल है। UCB का लक्ष्य उन बीमारियों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले उम्मीदवारों की पहचान और अनुकूलन अधिक तेज़ी से करना है, जिनके मरीज़ों को अब भी बेहतर विकल्पों की ज़रूरत है।
प्रयोगों के नतीजों से परियोजना के मॉडल फिर प्रशिक्षित होंगे
UCB के वैज्ञानिक इस प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करेंगे, तो प्रयोगों के नतीजे कार्यक्रम-विशिष्ट मॉडलों में वापस शामिल किए जाएंगे। कंपनियाँ इस प्रक्रिया को लगातार बढ़ते सीखने के चक्र, या “प्रयोगशाला-आधारित सीखने की प्रक्रिया” के रूप में बताती हैं: प्रयोगशाला से मिले साक्ष्य का हर दौर डिज़ाइनों के अगले समूह को दिशा देता है। उम्मीदवारों का अनुकूलन करने और संभावित उम्मीदवार बनने की दिशा में उनकी प्रगति का आकलन करते समय वैज्ञानिक अपनी विशेषज्ञता और विवेक का उपयोग जारी रखेंगे।
Cradle का प्लेटफ़ॉर्म संबंधी दस्तावेज़ इसकी कार्यप्रणाली समझाता है। परख के आँकड़ों से किसी एक प्रोटीन के फिटनेस परिदृश्य पर एक मॉडल को प्रशिक्षित किया जाता है। प्लेट से अपलोड किए गए नतीजे—चाहे वे Cradle द्वारा तैयार किए गए हों, किसी टीम के तर्कसंगत डिज़ाइन हों या दोनों का मिश्रण—अगले दौर से पहले उस मॉडल को फिर प्रशिक्षित करते हैं। शुरुआती हिट उत्पन्न करने के लिए कोई परियोजना परख के आँकड़ों के बिना एक अकेले अनुक्रम से, या किसी शोरयुक्त स्क्रीनिंग समूह से शुरू हो सकती है; उदाहरण के लिए, डिस्प्ले या चयन अभियान से मिले NGS एनरिचमेंट काउंट।
कई गुणों को ध्यान में रखकर एंटीबॉडी डिज़ाइन
Cradle के एंटीबॉडी संबंधी दस्तावेज़ अनुकूलन के लक्ष्यों को बंधन, स्थिरता, विनिर्माण-योग्यता, प्रतिरक्षाजनकता और विकास-योग्यता में बाँटते हैं। मापे जा सकने वाले उद्देश्यों में विशिष्टता और क्रॉस-रिएक्टिविटी, तापस्थिरता और एग्रीगेशन, अभिव्यक्ति उपज, T-सेल एपिटोप का जोखिम तथा डीएमिडेशन या ऑक्सीकरण जैसी कमियाँ शामिल हो सकती हैं। इससे घोषणा में कही गई इस आवश्यकता का ठोस अर्थ स्पष्ट होता है कि उम्मीदवारों का अनुकूलन सफलता के लिए ज़रूरी गुणों के पूरे समूह के आधार पर किया जाए।
उपयोगकर्ता किसी उम्मीदवार की लक्षित प्रोफ़ाइल को एक प्राथमिक उद्देश्य और कुछ सीमाओं के रूप में परिभाषित करते हैं। Cradle के अनुसार, प्लेटफ़ॉर्म निर्दिष्ट गुणों का समानांतर अनुकूलन करता है, उनके बीच के समझौतों को संभालता है और किसी परख से पहले प्रत्येक उद्देश्य को पूरा करने की संभावना का अनुमान लगाता है; साथ ही, अवास्तविक लक्ष्यों की पहचान भी करता है। संश्लेषण और परख पर खर्च करने से पहले उम्मीदवारों वाली प्लेट को प्रशिक्षित मॉडल के आधार पर स्कोर भी किया जा सकता है। इससे हिट मिलने की अनुमानित दर, हर उद्देश्य के लिए स्कोर का वितरण और सुधार की शेष गुंजाइश का अनुमान मिलता है। ये पूर्वानुमान यह तय करने में मदद करते हैं कि अगला दौर चलाया जाए, नए सिरे से डिज़ाइन किया जाए या रोक दिया जाए।
वैज्ञानिकों के लिए यह प्रणाली बिना कोडिंग वाले वेब एप्लिकेशन के ज़रिए और संगणकीय टीमों के लिए API के माध्यम से उपलब्ध है। अनुसंधान टीमें वेरिएंट देख सकती हैं, म्यूटेशन की तुलना कर सकती हैं और अपने डिज़ाइनों को उसी प्लेट पर Cradle द्वारा तैयार उम्मीदवारों के साथ रख सकती हैं। इन बाहरी डिज़ाइनों को भी उसी आधार पर स्कोर किया जाता है और वे अगले दौरों के लिए प्रशिक्षण-संकेत बनते हैं। इससे वैज्ञानिकों की अपनी परिकल्पनाओं को मॉडल पर असर डालने का रास्ता बना रहता है।
अधिकारियों ने वैज्ञानिकों के नेतृत्व में खोज पर ज़ोर दिया
UCB के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी Alistair Henry ने एआई को एक “वैज्ञानिक क्षमता को कई गुना बढ़ाने वाला साधन” बताया। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान और अनुवादात्मक अनुसंधान में मानवीय विशेषज्ञता को बढ़ाना होना चाहिए, न कि एआई को अपने आप में लक्ष्य बनाना। उन्होंने कहा कि पूर्वानुमानात्मक मॉडलिंग को प्रयोगशाला में सत्यापन के साथ जोड़ने से बेहतर अणुओं को डिज़ाइन करने, सीखने की प्रक्रिया तेज़ करने और उच्च-गुणवत्ता वाली चिकित्सा को मरीज़ों तक जल्दी पहुँचाने में संभावित रूप से मदद मिल सकती है।
Cradle के सीईओ और सह-संस्थापक Stef van Grieken ने कहा कि जैविक औषधियों के अनुसंधान एवं विकास में एआई का सबसे बड़ा असर तब होगा, जब उसका उपयोग अलग-अलग प्रयोगों या कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर किसी खोज संगठन में वैज्ञानिकों के काम करने के तरीके का हिस्सा बनेगा। इस सोच के तहत, UCB के वैज्ञानिकों को कंपनी की बायोथेरप्यूटिक्स पाइपलाइन में अधिक कार्यक्रमों, तौर-तरीकों और जटिल इंजीनियरिंग चुनौतियों के लिए एक साझा प्लेटफ़ॉर्म मिलेगा, हालाँकि औपचारिक रूप से इसकी तैनाती चुनिंदा खोज परियोजनाओं तक सीमित है।
यह सहयोग इस महत्वाकांक्षा को बार-बार प्रयोगों से सीखने की प्रक्रिया से जोड़ता है: हर परख अगले डिज़ाइन दौर को बेहतर बना सकती है, जबकि उम्मीदवारों के बारे में निर्णय लेने की ज़िम्मेदारी वैज्ञानिकों के पास ही रहती है। UCB के लिए व्यावहारिक कसौटी यह है कि क्या इन चक्रों से ऐसे एंटीबॉडी बनते हैं जो बंधन, स्थिरता, विनिर्माण-योग्यता और विकास-योग्यता की ज़रूरतों को एक साथ पूरा करें और प्रीक्लिनिकल तैयारी की दिशा में आगे बढ़ें।












