स्वास्थ्य
Google के AMIE का प्राथमिक देखभाल व्यवहार्यता अध्ययन The Lancet में प्रकाशित

Google की घोषणा के अनुसार, Google और Beth Israel Deaconess Medical Center के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में हुआ एक भावी नैदानिक अध्ययन 8 अक्टूबर 2026 को The Lancet में प्रकाशित हुआ। इसमें वास्तविक दुनिया के एक त्वरित प्राथमिक देखभाल क्लिनिक में Google के संवाद-आधारित निदान AI, AMIE, का मूल्यांकन किया गया। अध्ययन में 98 रोगियों ने अपनी त्वरित देखभाल मुलाक़ात से पहले AMIE चैटबॉट से परामर्श किया। पर्यवेक्षण करने वाले चिकित्सक बातचीत को वास्तविक समय में देखते रहे और पहले से तय सुरक्षा मानदंडों के तहत किसी बातचीत को बीच में रोकना नहीं पड़ा।
Google ने इसे The Lancet की मुख्य पत्रिका में अपना पहला प्रकाशन बताया। कंपनी ने कहा कि रोगियों के लिए बने AI का बड़े पैमाने पर आकलन करने के लिए बड़े नैदानिक परीक्षण चाहिए। उसके अनुसार, निष्कर्ष बताते हैं कि AI में रोगी-चिकित्सक संबंध बेहतर बनाने और स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव घटाने की संभावनाएँ हैं।
अध्ययन की रूपरेखा और सुरक्षा की निगरानी
इस प्रणाली का औपचारिक नाम Articulate Medical Intelligence Explorer (AMIE) है। यह एक चिकित्सा AI चैटबॉट है, जिसे रोगियों ने BIDMC के चिकित्सक के साथ त्वरित प्राथमिक देखभाल की मुलाक़ात तय करने के बाद घर से इस्तेमाल किया। Google Research टीम के विवरण के अनुसार, 100 वयस्क रोगियों ने मुलाक़ात से पहले AMIE के साथ बातचीत पूरी की और 98 अपनी निर्धारित मुलाक़ात पर आए। नई, गैर-आपातकालीन और प्रकरण-आधारित शिकायतों के लिए बुक किए गए प्रतिभागियों ने मुलाक़ात से अधिकतम पाँच दिन पहले सुरक्षित टेक्स्ट-चैट माध्यम से प्रणाली से बातचीत की। प्रणाली ने लक्षण पूछे, चिकित्सा इतिहास एकत्र किया, डॉक्टर से चर्चा के लिए संभावित निदान बताए और चिकित्सक के पहले से देखने के लिए सारांश तैयार किया। यह भावी, एकल-समूह, एकल-केंद्र अध्ययन ClinicalTrials.gov पर पहले से पंजीकृत था और संस्थागत समीक्षा बोर्ड से स्वीकृत प्रोटोकॉल के तहत हुआ। रोगियों को आश्वस्त किया गया कि भाग लेने या न लेने का फ़ैसला उनकी देखभाल को प्रभावित नहीं करेगा।
Google Research के विवरण के अनुसार, प्रतिभागी क्लिनिक के कुल त्वरित देखभाल रोगियों की तुलना में कम उम्र के थे। अध्ययन अवधि की कुल 1,452 त्वरित देखभाल मुलाक़ातों में आधे से अधिक 60 वर्ष से ऊपर के रोगियों की थीं। वहीं नमूने में महिलाओं और श्वेत लोगों की आबादी का रुझान क्लिनिक की रोगी आबादी के अनुरूप था।
BIDMC ने बताया कि अध्ययन अप्रैल से नवंबर 2025 तक चला और इसमें 114 रोगी नामांकित हुए। हर बातचीत को बोर्ड-प्रमाणित आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ ने स्क्रीन साझा करने वाली लाइव वीडियो कॉल से वास्तविक समय में देखा। पर्यवेक्षकों को पहले से तय चार स्थितियों में हस्तक्षेप का प्रशिक्षण मिला था: स्वयं या दूसरों को तत्काल नुकसान पहुँचने की चिंता; AI बातचीत से जुड़ा गंभीर भावनात्मक तनाव; पर्यवेक्षक द्वारा पहचानी गई नैदानिक नुकसान की आशंका; या सत्र समाप्त करने का रोगी का स्पष्ट अनुरोध। BIDMC की 9 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार, पूरी हुई सभी 98 मुलाक़ातों में किसी बातचीत को सुरक्षा के कारण रोकना नहीं पड़ा। पर्यवेक्षक चिकित्सकों ने एक मनगढ़ंत AI कथन पहचाना और पाँच मामलों में अतिरिक्त नैदानिक स्पष्टीकरण दिया। सह-प्रथम लेखक और BIDMC में हृदय-वाहिका चिकित्सा के क्लिनिकल फ़ेलो Peter Brodeur ने विज्ञप्ति में कहा, “यह अध्ययन वास्तविक दुनिया की ऐसी बातचीत की आधारभूत विशेषताएँ स्थापित करने में मदद करता है।” BIDMC ने कहा कि उसके विचार में यह प्राथमिक देखभाल में रोगियों के लिए संवादात्मक AI प्रणाली का पहला भावी, वास्तविक दुनिया का अध्ययन है।
नैदानिक तर्क के परिणाम
शोध दल के अनुसार, हर मुलाक़ात के आठ सप्ताह बाद चिकित्सा रिकॉर्ड की समीक्षा से तय अंतिम निदान, 90% मामलों में AMIE की विभेदक निदान सूची की पहली सात संभावनाओं में शामिल था। पहली तीन संभावनाओं में सटीकता 75% थी और 56% मामलों में अंतिम निदान को एकमात्र सबसे संभावित विकल्प बताया गया। उन 46 रोगियों के उपसमूह में भी सटीकता ऊँची रही जिनका अंतिम निदान प्रयोगशाला, सूक्ष्मजीव विज्ञान, विकृति विज्ञान या इमेजिंग परिणाम जैसे निदान परीक्षण से पुष्ट हुआ था।
अध्ययन के प्रीप्रिंट रिकॉर्ड के अनुसार, एक ब्लाइंड और यादृच्छिकीकृत तुलना में हर मामले के लिए तीन नैदानिक मूल्यांकनकर्ताओं के पैनल ने AMIE और प्राथमिक देखभाल प्रदाताओं के विभेदक निदान तथा प्रबंधन योजनाओं को अंक दिए। विभेदक निदान की समग्र गुणवत्ता (p = 0.6), प्रबंधन योजना की उपयुक्तता (p = 0.1) और सुरक्षा (p = 1.0) समान स्तर की मिली। योजनाओं की व्यावहारिकता (p = 0.003) और लागत-प्रभावशीलता (p = 0.004) में चिकित्सक AMIE से बेहतर रहे। Google Research ने इस अंतर का कारण बताया कि AMIE के पास रोगी के इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुँच नहीं थी, वह शारीरिक परीक्षण नहीं कर सकता था और उसे रोगी के समग्र शारीरिक स्वरूप जैसे बहु-माध्यम इनपुट नहीं मिले थे।
रोगियों और चिकित्सकों का अनुभव
शोधकर्ताओं के अनुसार, रोगियों ने चैट से पहले, चैट के बाद और चिकित्सक से मुलाक़ात के बाद “AI के प्रति सामान्य दृष्टिकोण पैमाना” भरा। AMIE से बातचीत के बाद दृष्टिकोण उल्लेखनीय रूप से अधिक सकारात्मक हुआ (p < 0.001) और चिकित्सक को दिखाने के बाद भी ऊँचा रहा। BIDMC ने कहा कि रोगियों ने सुनने, जानकारी समझाने और सहज महसूस कराने के लिए प्रणाली को अच्छे अंक दिए। हालाँकि साझा जानकारी की गोपनीयता और चैटबॉट की ईमानदारी व विश्वसनीयता पर भरोसे को लेकर चिंताएँ बनी रहीं। BIDMC के Carl J. Shapiro Institute for Research and Education में AI कार्यक्रमों के निदेशक Adam Rodman ने कहा कि आगे शोध करना होगा कि बातचीत की कौन-सी विशेषताएँ रोगियों का भरोसा बढ़ाती हैं और AI से संवाद किस तरह रोगी-चिकित्सक संबंध सुधार सकता है।
BIDMC के अनुसार, 44 मामलों में प्राथमिक देखभाल प्रदाताओं ने रोगी को देखने से पहले AI द्वारा तैयार बातचीत का प्रतिलेख या सारांश पढ़ा। चिकित्सकों ने कहा कि इससे 75% मामलों में मुलाक़ात की तैयारी में मदद मिली और 57% में उनके नैदानिक दृष्टिकोण पर असर पड़ा हो सकता है। एक मामले में प्रदाता ने बातचीत को कुछ हद तक हानिकारक बताया, क्योंकि AMIE ने संभावित निदानों में लिम्फोमा शामिल किया था और इससे रोगी को चिंता हुई हो सकती थी। Google Research द्वारा रिपोर्ट किए गए गुणात्मक साक्षात्कारों में चिकित्सकों ने कहा कि AMIE ने मुलाक़ात का केंद्र केवल डेटा जुटाने से हटाकर डेटा की पुष्टि करने की ओर कर दिया, जिससे अधिक सहयोगात्मक बातचीत और साझा निर्णय संभव हुए।
सीमाएँ, वित्तपोषण और पहले का खुलासा
शोध दल ने इसे नियंत्रित तुलना के बिना किया गया एकल-केंद्र व्यवहार्यता अध्ययन बताया, जो आधारभूत कार्यप्रवाह के मुकाबले प्रभावकारिता के मात्रात्मक दावों का समर्थन नहीं करता। अतिरिक्त सीमाओं में केवल टेक्स्ट वाला माध्यम और स्वास्थ्य-साक्षरता, तकनीकी साक्षरता तथा चैटबॉट से परिचय के अभी अनजाँचे प्रभाव शामिल हैं। Rodman और सहकर्मियों ने ज़ोर दिया कि अध्ययन व्यवहार्यता का मूल्यांकन करने के लिए था, यह तय करने के लिए नहीं कि AI स्वास्थ्य परिणाम सुधारता है या नहीं।
BIDMC ने खुलासा किया कि अध्ययन को Alphabet से धन मिला था और अध्ययन के कुछ हिस्से के दौरान Rodman Google में विज़िटिंग शोधकर्ता रहे। Brodeur और Jacob M. Koshy शोधपत्र के सह-प्रथम लेखक हैं, Rodman लेखक सूची में अंतिम स्थान पर हैं और Marc L. Cohen सह-वरिष्ठ लेखक हैं।
अध्ययन के परिणाम पहली बार मार्च 2026 में सार्वजनिक हुए। प्रीप्रिंट 9 मार्च 2026 को arXiv पर जमा हुआ और Google Research टीम ने 11 मार्च 2026 को अपना विस्तृत विवरण प्रकाशित किया। उसने 8 अक्टूबर 2026 को उस पोस्ट में संशोधन करके The Lancet में प्रकाशन की जानकारी जोड़ी। शोध दल ने कहा कि वह आगे नियंत्रित तुलनाओं वाले बड़े अध्ययनों में ऐसी प्रणालियों की उपयोगिता और प्रभाव का आकलन जारी रखना चाहता है।












